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| भोपाल में आयोजित पारिवारिक सम्मेलन के प्रतिभागी समूहों में रिज़वान संदेश-2010 का गहन अध्ययन करते हुए श्री पयाम शोगी |
सम्मेलन के दूसरे दिन के पहले सत्र की अध्यक्षता सहायक मण्डल सदस्य श्री पातीराम नरवरिया द्वारा की गई। राष्ट्रीय सभा के कोष संबंर्धन विभाग के प्रमुख डॉ. नेसन ओल्याई ने बहाई कोष पर आधारित अपने वक्तव्य एवं पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से उपस्थित मित्रों में एक नव चेतना जागृत कर दी। हुकूकुल्लाह बोर्ड की सदस्य डॉ. महालाती ने ईश्वर का अधिकार (हुकूकुल्लाह) विषय पर बोलते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को एक नई दिशा प्रदान की।
राजस्थान के जयपुर की सुश्री सहर ने लोगों को बताया कि इस पाँच वर्षीय योजना के शेष दिनों में हमारी कार्य शैली विश्व न्याय मन्दिर द्वारा रिज़वान संदेश 2010 में बताए मार्गदर्शन के अनुरूप होनी चाहिए। श्री पयाम शोगी ने पारिवारिक सम्मेलन के अवसर पर बोलते हुए कहा कि मध्य प्रदेश-छत्ताीसगढ़ के बहाइयों के लिए यह पारिवारिक सम्मेलन जहाँ उत्साह मनाने का एक स्थल है वहीं यह एक विशाल, प्रभावकारी एवं ऐतिहासिक सम्मेलन के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में की गई मेहनत के परिणाम अब दिखने शुरू हो गए हैं। रिज़वान संदेश-2010 के कुछ चयनित पदों के अध्ययन हेतु श्री शोगी ने उपस्थित मित्रों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर अध्ययन-मनन में सहयोग किया, सभी समूहों ने अपनी सीख भी प्रस्तुत की।
तीसरे दिन श्रीमती साधना मित्रा ने अत्यन्त प्रभावपूर्ण ढंग से एक बहाई की वास्तविक पहचान को बताने का प्रयास अपने वक्तव्य एवं पावर प्वाइंट द्वारा किया। रिज़वान संदेश के शेष चयनित भाग का अध्ययन पुन: मित्रों ने अपने-अपने समूहों में बैठकर किया तथा सभी सघन विकास वाले समूहों के लिए योजना बनाई गईं। पारिवारिक सम्मेलन के अंतिम सत्र की अध्यक्षता सहायक मण्डल सदस्य श्री रोशन लाल पटेल द्वारा की गई, श्री रोशन लाल ने सलाहकार श्री सतीश मतई को आमंत्रित करते हुए मार्गदर्शन प्रदान करने का निवेदन किया। सलाहकार महोदय ने पूरे तीन दिन मित्रों के साथ बिताने के बाद अपने वक्तव्य में योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु शुभकामनाएँ देते हुए कुछ अनुभवों को भी बताया। अंत में डॉ. सलील बरतर और परिषद के सचिव श्री एस एन पटेल द्वारा उपस्थिति मित्रों को धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।

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